दिन भर के कार्यों को सफल बनाने हेतु जरूरी है कि दिन की शुरुआत अच्छी हो। अपने शास्त्रों और धर्मग्रन्थों में हर अवसर और परिस्थित के लिए नियम बने हुए हैं। जिनके पालन से भगवद कृपा होती है और व्यक्ति का कल्याण होता है। आज के लेख में आप जानेंगे सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए जिससे मन-चित्त शांत, स्थिर और एकाग्र हो और जीवन में सफलता चरण चूमे।
यदि किसी कार्य की शुरुआत ही अच्छी हो तो उसमे एक अलग ही उमंग और आनंद रहता है जिससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसे ही अपने दिन को अच्छा बनाने के लिए जातक को नीचे दिए गए नियमों के अनुरूप अपनी दिनचर्या आरम्भ करनी चाहिए:
सूर्योदय से पहले जागें
शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त में जागने को सबसे अच्छा माना गया है. सूर्योदय से चार घड़ी (लगभग डेढ़ घंटे) पहले ब्रह्म मुहूर्त होता है। इस समय जागने से ताजगी और स्फूर्ति आती है। माना जाता है कि सूर्योदय के बाद तक सोने से सारे अर्जित पुण्य नष्ट हो जाते हैं।
जागने पर सबसे पहले करें करावलोकन
आँख खुलते ही सबसे पहले अपने दोनों हाथ की हथेलियों को देखते हुए नीचे दिए गए श्लोक को पढ़ें:
कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती ।
करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते कर दर्शनम ।।
धरती माँ की वंदना करें
बिस्तर से उठ कर जमीन पर पैर रखने से पहले धरती माँ को प्रणाम करें और उन पर पैर रखने के लिए निम्नलिखित श्लोक पढ़ कर क्षमा मांगे:
समुद्रवसने देवी पर्वतस्तनमण्डिते ।
विष्णुपत्नी नमस्तुभ्य पादस्पर्शम क्षमस्व में ।।
मांगलिक प्रतीकों का दर्शन एवं गुरुजनों को प्रणाम करें
धरती माँ की वंदना के पश्चात मांगलिक प्रतीक चिन्हों जैसे चंदन, शंख, दर्पण, इत्यादि का दर्शन करें और इसके उपरांत साक्षात् देवरूप में विद्यमान माता पिता और गुरु को प्रणाम कर आशीर्वाद लें।
जो जातक उपरोक्त सभी कृत्य नित्य प्रतिदिन करते हैं वो निश्चित रूप से अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं।


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