नवग्रहों के राजा और ऊर्जा के कारक ग्रह सूर्य शनिवार, 16 जुलाई 2022 को रात्रि 10 बजकर 57 मिनट पर श्रावण कृष्ण तृतीया तिथि को मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहाँ ये 17 अगस्त की सुबह तक गोचरस्थ रहेंगे। इस दौरान सूर्य शनि के सामने तो मंगल और गुरु से दृष्ट रहेंगे। यह संक्रांति वरुण मण्डल में महोदरी संज्ञक, पूर्वमुखी और पूर्वगामिनी है। इससे अनाजों के भाव में तेजी, दुर्भिक्ष युद्धादि उपद्रवों से जनता में कष्ट और वर्षा में कमी होती है। रसादि पदार्थ, धान, गुड़, चीनी, दूध, तेल, मूंगफली, सरसो, सोना में तेजी आती है। पश्चिम तथा दक्षिण के देशों में कष्ट तथा बालकों को पीड़ा होती है। उत्तर के देशों में युद्धादि का भय और पूर्वी देशों में सुभिक्ष एवं सुख-शांति होती है। आइये आगे जानते हैं सूर्य के कर्क राशि में गोचर (Surya Rashi Parivartan) का सभी 12 राशियों पर क्या होगा असर।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में सूर्य का गोचर होगा। सुख स्थान में सूर्य के गोचर से मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा, सुख में हानि, यात्रा में असुविधा, व्यापार और व्यवसाय में विघ्न तथा घरेलु कलह जैसे फल प्राप्त हो सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है की कलह और झगड़े से बचें।
वृष राशि
वृष राशि के जातकों के तृतीय भाव में सूर्य का गोचर होगा। सूर्य के पराक्रम स्थान में गोचर से आरोग्य, सुख, आनंद, अभीष्ट की सिद्धि, शत्रुओं पर विजय, यश और मान में वृद्धि जैसे फल मिलते हैं। आपको सलाह दी जाती है की भाई के साथ मनमुटाव और अहंकार से बचें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के द्वितीय भाव में सूर्य का गोचर होगा। धन स्थान में सूर्य के गोचर से खर्च में अधिकता और आँखों की पीड़ा हो सकती है। इस दौरान आप कोई महँगी वस्तु या उपकरण की खरीद कर सकते हैं। आपको मनमानी और क्रोध से बचना होगा अन्यथा पारिवारिक कलह की स्थिति बन सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के प्रथम भाव में सूर्य का गोचर होगा। राशि स्थान में सूर्य के गोचर से पेट में पीड़ा और शारीरिक कष्ट मिल सकता है। अकारण यात्रा, चिड़चिड़ापन, कमजोरी जैसे फल मिलने की भी संभावना। आपको सलाह दी जाती है की मतभेद और झगड़े से बचें।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के द्वादश भाव में सूर्य का गोचर होगा। व्यय स्थान में सूर्य के गोचर से खर्च में वृद्धि की वजह से आर्थिक समस्या उत्पन्न हो सकती है तथा घर से दूर प्रवास करना पड़ सकता है। आपको सलाह है की उधार देने से बचें अन्यथा धन की हानि हो सकती है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के एकादश भाव में सूर्य का गोचर होगा। लाभ स्थान में सूर्य के गोचर से अच्छे परिणाम मिलेंगे। यश, मान, पद-प्रतिष्ठा तथा अभीष्ट कार्य में सफलता प्राप्त होगी। किसी पारिवारिक आयोजन या उत्सव से प्रसन्नता मिलेगी।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के दशम भाव में सूर्य का गोचर होगा। कर्म स्थान में सूर्य के गोचर से कार्य में सफलता और अभीष्ट की प्राप्ति होती है। धन, स्वास्थ्य और नौकरी के लिए अच्छा समय रहेगा तथा मानसिक संतुष्टि और प्रसन्नता रहेगी।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के नवम भाव में सूर्य का गोचर होगा। भाग्य स्थान में सूर्य के गोचर से सुख एवं आय में कमी और परिजनों से वियोग हो सकता है। आपको काफी प्रयास के बाद ही सफलता मिल पाएगी अतः लगातार प्रयास करते रहें और अपने आत्मविश्वास को बनाएं रखें।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के अष्टम भाव में सूर्य का गोचर होगा। अष्टम स्थान में सूर्य के गोचर से जीवनसाथी से अनबन तथा शत्रुओं से पीड़ा मिल सकती है। अपने स्वास्थ्य और वाहन को लेकर भी आपको सावधान रहना होगा। अदालती मामलों में भी संभलकर रहें।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के सप्तम भाव में सूर्य का गोचर होगा। कलत्र स्थान में सूर्य के गोचर से दांपत्य सुख में कमी हो सकती है अतः आपको अपने जीवनसाथी के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार बनाये रखना होगा। खान-पान के प्रति लापरवाही नही बरतें अन्यथा पेट से संबंधित समस्या हो सकती है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के षष्ठम भाव में सूर्य का गोचर होगा। सूर्य के रिपु स्थान में गोचर से कार्यों में सफलता, धनलाभ और आरोग्यता प्राप्त होती है। यश और मान में वृद्धि तथा प्रतियोगिता एवं परीक्षा में सफलता मिल सकती है। अदालती मामलों में भी शत्रु पर विजय प्राप्त हो सकती है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के पंचम भाव में सूर्य का गोचर होगा। पंचम स्थान में सूर्य के गोचर से मानसिक व्यग्रता, प्रेम में उदासीनता, आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव जैसे फल प्राप्त हो सकते हैं। आपको रोग एवं शत्रुओं से सतर्क रहना होगा तथा मित्रों के साथ मतभेद से बचना होगा।


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