शनि को ज्योतिष में दंडाधिकारी कहा गया है, ये न्याय के देवता हैं। मनुष्य को उसके किये हुए कर्मो के हिसाब से अच्छा या बुरा फल देते हैं। शनि बेईमान लोगों को पीड़ित करते हैं तो ईमानदार और परिश्रमी लोगों को पुरस्कृत भी करते हैं। यदि कोई शनि देव को अपने कर्मों से प्रसन्न कर ले तो उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन समृद्धि एवं खुशहाल होता है। वहीं अगर शनि किसी व्यक्ति से नाराज हो जाएं तो उसका जीवन कष्टमय हो जाता है और ऐसा लगता है मानो परेशानियां उसका पीछा ही नहीं छोड़ रही हैं। शनि को प्रसन्न रखने और उनकी कृपा प्राप्त करने के कुछ आसान उपायों पर आइये आज नजर डालते हैं।
अपने से छोटों का ध्यान रखें
अपने मातहतों का ध्यान रखने वाले से शनि बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं अतः घर में अपने से छोटों और घर तथा ऑफिस के नौकर, मज़दूर आदि को हमेशा सम्मान दें, प्यार से बात करें, उन्हें खुश रखें और उनका हर तरह से ख्याल रखें।
प्रकृति और निरीह जानवरों से प्रेम करें
कभी भी हरे भरे पेड़ ना काटें, गर्भपात ना करवायें, निरीह प्राणियों पर हमेशा दया करें और तुलसी तथा पीपल को जल दें। ऐसा करने वाले जातक हमेशा शनि कृपा प्राप्त करते हैं।
ईमानदार और सत्यनिष्ठ बनें
चूँकि शनि दंडाधिकारी हैं और कर्मो के अनुरूप फल देते हैं इसलिए जीवन में ईमानदार बनें, सत्य बोलें और बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें। इससे आप जीवन में जरूर सफलता प्राप्त करेंगे।
हनुमत आराधना करें
माना जाता है की हनुमान जी की पूजा करने से शनि शांत होते हैं। अतः शनि को प्रसन्न करने के लिए हनुमत आराधना जरूर करें। नित्य हनुमान जी की पूजा और चालीसा के पाठ से शनिदेव का प्रकोप शांत होता है।
शनिवार व्रत करें
शनिवार के दिन व्रत और शनिदेव का पूरे विधि-विधान से पूजन उत्तम फलदायक माना गया है। इस व्रत के प्रभाव से जातक के दु:ख और दारिद्र्य दूर होते हैं और सौभाग्य एवं सफलता प्राप्त होती है तथा जातक को हर तरह के शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
“ॐ शं शनैश्चराय नमः”


Parama Ekadashi 2023: जानें कब है परमा एकादशी, क्या है इसका माहात्म्य, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त एवं कथा
Kamla Ekadashi 2023: जानें कब है कमला (पद्मिनी) एकादशी, क्या है इसका माहात्म्य, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त एवं कथा
Mokshada Ekadashi 2022: जानें कब है मोक्षदा एकादशी, क्या है इसका माहात्म्य, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और कथा