दंडाधिकारी शनि आज 5 जून 2022 को सुबह 03 बजकर 16 मिनट पर अपनी चाल बदल रहे हैं अर्थात् इनकी चाल वक्री हो जाएगी। शनि की ये उल्टी चाल करीब साढ़े चार महीने रहेगी। शनि 23 अक्टूबर 2022 को फिर से अपनी सीधी चाल चलेंगे यानि मार्गी होंगे। मोटे तौर पर यह माना जाता है कि जिन जातकों की कुंडली में शनि वक्री होंगे उनके लिए इसका प्रभाव अच्छा या सम रहेगा और वहीं शनि के अशुभ स्थिति मे होने से कई मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ सकता है। आइए आगे जानते हैं सभी 12 राशियों पर शनि की इस बदली चाल का क्या होगा प्रभाव।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के एकादश भाव में शनि वक्री होंगे। इससे रोग से कष्ट, मानहानि, व्यापार में उतार-चढ़ाव जैसे फल मिल सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है की पाप कर्मों में संलिप्तता से बचें।
वृष राशि
वृष राशि के जातकों के दशम भाव में शनि वक्री होंगे। इससे आजीविका के नए अवसर मिल सकते हैं, विदेश संबंधी कार्य या यात्रा के योग बन सकते हैं। पिता का स्वास्थ्य आपको चिंतित कर सकता है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के नवम भाव में शनि वक्री होंगे। इससे व्यवसाय और रुके हुए कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है, धनलाभ हो सकता है। आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के अष्टम भाव में शनि वक्री होंगे। इससे धनहानि, झगड़ा, जीवनसाथी से अनबन, विवाह में अड़चन आ सकती है। आपको वाहन चलाने में सावधानी रखनी होगी।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के सप्तम भाव में शनि वक्री होंगे। इससे कार्य में सफलता, व्यापार एवं व्यवसाय में लाभ, प्रेम संबंधों में माधुर्य, जीवनसाथी से मतभेद की समाप्ति जैसे फल मिल सकते हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के षष्ठ भाव में शनि वक्री होंगे। इससे कार्यों में रूकावट, मानसिक व्यथा, धनहानि, संतान से चिंता जैसे फल प्राप्त हो सकते हैं।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के पंचम भाव में शनि वक्री होंगे। इससे मानसिक क्लेश, पढ़ाई में विघ्न, शेयर बाजार से हानि जैसे फल मिल सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है की अपने जीवनसाथी के प्रति एकनिष्ठ रहें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में शनि वक्री होंगे। इससे उत्तम स्वास्थ्य, भूमि और संपत्ति की प्राप्ति, शत्रु से मुक्ति जैसे फल प्राप्त हो सकते हैं। इस दौरान आपको यात्रा में सावधानी बरतनी चाहिए और शेयरों में निवेश से बचना चाहिए।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के तृतीय भाव में शनि वक्री होंगे। इससे धनहानि, खर्चों में बढ़ोतरी, सगे-सम्बन्धियों से परेशानी जैसे फल मिल सकते हैं।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के द्वितीय भाव में शनि वक्री होंगे। इससे रोग, पारिवारिक शोक, वैवाहिक समस्या जैसे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के प्रथम भाव में शनि वक्री होंगे। इससे खर्च में वृद्धि, व्यापार में हानि, विवाद, जीवनसाथी के स्वास्थ्य से चिंता जैसे फल मिल सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है की जल्दबाजी में बिना सोचे समझे कोई भी कार्य नहीं करें।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के द्वादश भाव में शनि वक्री होंगे। इससे धन-संपत्ति का लाभ, व्यापार में मुनाफा, प्रसन्नता जैसे फल प्राप्त होने की संभावना।


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