नवग्रहों के राजा और शक्ति एवं ऊर्जा के कारक ग्रह सूर्य शुक्रवार, 14 मई 2021 को रात्रि 11 बजकर 25 मिनट पर अपनी उच्च राशि मेष से निकल कर वृष राशि में प्रवेश करेंगे जहाँ ये 15 जून 2021 की सुबह तक रहेंगे। यद्यपि सूर्य की यह संक्रांति शुक्रवार और रात्रि में पड़ने की वजह से सुख शांति कारक है और इस महामारी से कुछ राहत की आस दिलाता है तथा अन्न का उत्पादन अच्छा करता है पर चतुर्ग्रही योग बनने से विपत्ति की संभावना बनी रहेगी। यह संक्रांति वायु मण्डल में होगी तथा मन्दाकिनी संज्ञक, उत्तरमुखी और पश्चिम गामिनी है। बुद्धिजीवी वर्ग और डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा। खाद्य पदार्थों, फल, सब्जियों और दूध के दामों में तेजी बनी रहेगी। शेयरों में अस्थिरता रहेगी। कुछ स्थानों में प्रचंड वायु के साथ सामान्य वर्षा का योग है। उत्तर दिशा के शासकों को कष्ट और भारत के पड़ोसी राज्यों में उत्पात की संभावना रहेगी। आइये आगे जानें सूर्य के वृष राशि में गोचर (Surya Rashi Parivartan) का आप सभी की राशियों पर क्या होगा असर।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के द्वितीय भाव में सूर्य का गोचर होगा। धन स्थान में सूर्य के गोचर से व्यय में वृद्धि और आँखों की पीड़ा हो सकती है। इस दौरान आप कोई महँगी वस्तु या सामान भी खरीद सकते हैं। आपको अपनी जिद और क्रोध पर संयम रखना होगा अन्यथा पारिवारिक कलह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वृष राशि
वृष राशि के जातकों के राशि भाव में सूर्य का गोचर होगा। राशि स्थान में सूर्य के गोचर से पेट में कष्ट और शारीरिक पीड़ा हो सकती है। बेवजह यात्रा, चिड़चिड़ापन, शारीरिक थकान जैसे फल प्राप्त होने की संभावना। आपको मतभेद और झगड़े से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के द्वादश भाव में सूर्य का गोचर होगा। व्यय स्थान में सूर्य के गोचर से खर्च में वृद्धि से आर्थिक समस्या खड़ी हो सकती है तथा घर परिवार से दूर जाना पड़ सकता है। उधार देने से बचें अन्यथा धन की हानि हो सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के एकादश भाव में सूर्य का गोचर होगा। लाभ स्थान में सूर्य के गोचर से अच्छे फल मिलेंगे। यश, पद, मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि तथा अभीष्ट कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती है। किसी पारिवारिक उत्सव या आयोजन से प्रसन्नता मिल सकती है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के दशम भाव में सूर्य का गोचर होगा। कर्म स्थान में सूर्य के गोचर से अभीष्ट सिद्धि और कार्यों में सफलता मिलती है। वित्त, स्वास्थ्य और नौकरी के लिए अच्छा समय रहेगा। मानसिक संतुष्टि और प्रसन्नता रहेगी।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के नवम भाव में सूर्य का गोचर होगा। भाग्य स्थान में सूर्य के गोचर से आपके सुख और आमदनी में कमी हो सकती है। परिजनों से वियोग हो सकता है। काफी प्रयास के बाद ही सफलता मिल सकेगी अतः आपको निरंतर प्रयास करते हुए अपने आत्मविश्वास को बनाएं रखना होगा।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के अष्टम भाव में सूर्य का गोचर होगा। अष्टम स्थान में सूर्य के गोचर से जीवनसाथी से अनबन और शत्रुओं से कष्ट मिल सकता है। वाहन और स्वास्थ्य से चिंता हो सकती है। कोर्ट कचहरी के मामलों में आपको संभलकर रहना होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के सप्तम भाव में सूर्य का गोचर होगा। कलत्र भाव में सूर्य के गोचर से दांपत्य सुख में कमी हो सकती है अतः अपने जीवनसाथी के साथ आपसी सामंजस्य और सौहार्द बनाये रखना होगा। खान-पान के प्रति सावधान रहें अन्यथा पेट से संबंधित समस्या हो सकती है।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के षष्ठ भाव में सूर्य का गोचर होगा। सूर्य के इस गोचर से कार्य में सिद्धि, धन और अच्छे स्वास्थ्य का लाभ मिल सकता है। मान और यश में वृद्धि तथा प्रतियोगिता और परीक्षा में सफलता मिल सकती है। अदालती मामलों में भी शत्रु पर विजय प्राप्त हो सकती है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के पंचम भाव में सूर्य का गोचर होगा। पंचम स्थान में सूर्य के गोचर से मानसिक व्यग्रता, प्रेम में उदासीनता, आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव जैसे फल मिल सकते हैं। आपको रोग एवं शत्रुओं से सावधान रहना होगा तथा मित्रों के साथ मतभेद से बचना होगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में सूर्य का गोचर होगा। सुख स्थान में सूर्य के गोचर से सुख की हानि, यात्रा और व्यवसाय में असुविधा, विघ्न, गृह क्लेश, मानसिक एवं शारीरिक कष्ट जैसे फल मिल सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है की आपसी कलह और झगड़ों से बचें।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के तृतीय भाव में सूर्य का गोचर होगा। सूर्य के तृतीय स्थान में गोचर से रोग मुक्ति, सुख, आनंद, अभीष्ट लाभ, शत्रुओं पर विजय और मान जैसे फल प्राप्त होते हैं। आपको सलाह दी जाती है की अहंकार और भाई से मनमुटाव से बचें।


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